मारण कर्म प्रयोग के लिए मारण मंत्र दुश्मन को मारने का छिपा हुआ हथियार है | मारण मंत्रो का प्रयोग करने से दुश्मन को कोई भी तकलीफ नहीं होती है | मारण मंत्र दुश्मन के शरीर पर कोई भी निशान नहीं छोड़ता है | मारण मंत्र वह तांत्रिक शक्ति है जिसका प्रयोग एक बार करने से कोई भी स्त्री या पुरुषं मृत्य की तरफ अग्रसर हो जाता है | मारण मंत्रो के प्रयोग से दुश्मन मृत्यु के देवता यमराज के चंगुल में फंस जाता है | मारण मंत्रो का प्रयोग करने से दुश्मन को शारीरिक तकलीफ देकर या बिना तकलीफ के मारा जा सकता है | कुछ दुश्मन छिपे हुए होते है तो कुछ सामने से दिखाई देते है | दुश्मन आपके पडोसी , रिश्तेदार , नौकर ,या ऑफिस के सहकर्मी भी हो सकते है | दुश्मन आपकी रातो की नीद और दिन का चैन छीन लेता है |

 दुश्मन आपका नुकसान कुछ इस तरह कर सकता है :

  • दुश्मन आपकी तरक्की की राह में रोड़े अटकाता है |
  • दुश्मन के व्यापार को हानि पहुचाता है |
  • दुश्मन आपकी तरक्की नहीं होने देता है |
  • दुश्मन आपके व्यापार को हड़प लेता है |
  • दुश्मन आपकी संपत्ति पर कब्जा कर लेता है |
  • दुश्मन आपके संतान का अपहरण कर लेता है |
  • दुश्मन आपके संतान को आपसे अलग कर देता है |
  • दुश्मन आपके घर में या व्यापार स्थल पर तांत्रिक क्रिया का प्रयोग करके काला जादू कर देता है जिससे घर के सदस्यों को तरह तरह की बिमारी  लग जाती है |
  • धन का नुकसान होता है |
  • घर के सदस्यों में कलेश होता है |
  • पति पत्नी में लड़ाई झगडा होता है |
  • बाप बेटे में नहीं बनती है |
  • दुश्मन की तांत्रिक क्रिया के प्रभाव से घर के सदस्यों को लकवा , कैंसर , चर्म रोग , पागलपन , संतान का होकर मर जाना ,  संतान का ना होना , बेटी या बेटे का रिश्ता टूट जाना जैसा कष्ट होना आम बात है |

दुश्मन को ख़त्म करने के लिए या उसकी बुद्धि को सही रास्ते पर लाने के लिए माँ बंगलामुखी के मंत्रो का जाप करना चाहिए | माँ बंगालामुखी आपके दुश्मन का खात्मा करेंगी | माँ बंगलामुखी को पीताम्बरी देवी भी कहा जाता है | इनकी साधना में पीले रंग के वस्रो समेत पीले रंग के ही पूजन सामग्री का प्रयोग किया जाता है |

मंत्र :

||| ॐ ह्रीं बंगलामुखी सर्व दुष्टानाम वाचं मुखं स्तभ्यम जिह्वा किलय किलय ॐ फट स्वाहा ||

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